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Muktak

  ना   टूटेगी तेरी   हिचकी ,  मैं   तेरी   बात   करती   हूँ  रुके जो   नाम   से  मेरे,  समझना   याद   करती   हूँ  ~Kavita Nidhi उन हाथो में कुछ बात थी जिन्हे छूकर पत्थर भी इतिहास हुए  ये तारीफे ही हैं आपकी जनाब की हम ख़ाक से कुछ ख़ास हुए लोग कहने लगे मुझसे, मैं  कितना बदल गया मैं वक्त के सांचे में जरा सा क्या  ढल गया वो वक्त भी था एक जब चलता था दिल से मैं  तो कहते थे यही लोग, मैं रास्ता भटक गया  —— नेता जी ने अपनी चुनवी भीड में जूते एनालिसिस करवाये ‘पता करो किस तरह के जूते है’ बोलके अपने आदमी दौड़ाये अगर चमकदार जूते बहुत हैं तो चंदा अच्छा मिलेगा पर देखो तो फटी सिलाई वाले मिडिल क्लास कितने है आए सरकार गरीब का और अमीर का दोनों का ख्याल करेगी   बस मिडिल क्लास वाले वोट दे दे और टैक्स भर जाये

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Ek baar Phir se Aap sabhi ko Nirala ji ke janam din ki hardik badhayi  Aur Basant panchi ki Shubhakamnaye  Basant ki baat Ho to prem per kuch keh a banta hai.  Navchetan ki taraf se is amanataran ke liye dhanyawaad  Namaste alka ji, Neelam ji, Aur naresh ji, Aur Shaifali ji  महफ़िल में यारों की जब जब, चर्चा अपना जो आएगा  जब नाम सुनेगे मेरा सब, तुझको भी पूछा जायेगा  भूली बिसरी उन यादों का, किस्सा दोहराया जाएगा  टूटा टूटा दिल मेरा तब, टुकड़े टुकड़े हो जायेगा  ————-/— प्यार के बोल का प्यार ही मोल है प्यार को तोल न प्यार अनमोल है प्यार निशब्द है, प्यार ही गूंज है प्यार की है जो भाषा वही मौन है ———/////// आज गयी थी उसी झील पे , हम  तुम पहली बार मिले थे तेरे प्रथम प्रणय निवेदन से , सपनो के संसार सजे थे आसमान खुशियों से रोया, और ज़मीं कुछ पिंघळी सी थी लहरों सी उठती गिरती वो एक घटा कुछ उमड़ीं सी थी और कनेरी घूप बिछि थी सेज हमारी बनने को चिड़ियों की बोली लगती थी शहनाई सी बजने को आज वहां पर वीरानी थी तन्हाई सी छायी थी बरखा जैसे चल...
महफ़िल में यारों की जब जब, चर्चा अपना जो आएगा  जब नाम सुनेगे मेरा सब, तुझको भी पूछा जायेगा  भूली बिसरी उन यादों का, किस्सा दोहराया जाएगा  टूटा टूटा दिल मेरा तब, टुकड़े टुकड़े हो जायेगा  तुम दूर वहां पर  कैसी हो, मै कॉल तुम्हे  कर के पूछूं  उस पल तुझसे मिलने को, दिल मेरा भी कर आएगा  तुझको बदनाम न होने दूंगा, ये एतबार तू रख लेना  दिल रोयेगा पर होठो पे, कभी नाम तेरा न आएगा  ख्याल तुझे मिलने का उस पल ,दिल में मेरे पर आएगा 

छीन वो सकते नहीं

               छीन वो सकते नहीं रोक   वो   सकते   हैं राहें  ,  मोड   पर   सकते   नहीं मंज़िलों को   मुझसे   मेरी   छीन   वो   सकते   नहीं हाथ   कट   सकते   हैं   पर ,  तकदीर  छिन   सकती   नहीं है   लकीरें   जीत   की   तो ,    हार हम सकते नहीं  चाहे   मेरे   खून   का   वो   क़तरा   क़तरा     सोख   दें इन रगो में दौड़ता, जज्बा मिटा   सकते   नहीं याद   रखना, भूल   जाना,  चुनना   उनका   हक   तो   है मेरी   यादों   में   रहेंगे ,  हक   ये   ले   सकते   नहीं वो   मुझे   चाहे   ना   चाहे ,  हैं   ये   उनके   हाथ    में मेरे   दिल   से   प्यार   को   पर  ,  वो   मिटा   सकते   नहीं मेरे...

Muktak collection

  mehfil me yaaron ki jab jab charcha ye aapna aayega   Jab naam sunege mera sab tujhko bhi poocha jayega  Jo naam tera yu aayega Aur kissa dohraya jayega Ye TutA tuta dil mera phir tukde tukde ho jayega  Mere zajbaat itne kyo Naye se aaj lagte hai Ye soye the kahi pehle Jage se aaj lagte hai Mai jo Mahsoos karti hoon Ye mujhmai the kahin pehle Ya ye dil ke dhadakane se Achanak dil mai aaye hai मेरे जज्बात इतने क्यो नए से आज लगते हैं ये सोये थे कहीं पहले जगे से आज लगते हैं तुम्हारा पास आना भी मेरी धड़कन बढ़ाता है इसी के शोर से शायद ये मुझमें ख्वाब जगते हैं न मुझको दोष देना तुम या मुझे रोक देना तुम निकलते से मेरे हाथो से  ये हालात लगते हैं मेरे हालात मेरे हाथ से जो इस पल निकलते हैं ——/ मेरे   जज्बात   छू   कर   यूं वो   देखो   मुस्कुरायें   हैं  खुली   आंखों   में   ये   रंगीन   कितने   ख्वाब  आएं  है सजते  मैं   जो   महसूस   करती  हूं ये   मुझमे  ...

Cigarette

क्यो   मुझे   इतना   उलझा  रहे   हो Cigarette  सा   मुझे   क्यो   सुलगा   रहे   हो दिल   में   जो   है   कह   भी   दो  प्यार का   एक   कश   ले   भी   लो फिर  धुआं  बन   कर   हवा   में   बिखर   जाऊं   होठो से   लगा   लो   तो   सांसो   में   उतर   जाऊं सांसों की   ये   गरमी   अब   दे   भी   दो   प्यार का  अब   एक कश    ले   भी   लो तेरी उँगलियों   के   बीच   ही   रह   जाए   मेरा   वजूद तेरी   इन   आंखों   के   नशे   में   मैं   रहूं   मौजूद अपनी बाँहों के ये   साये मुझे अब   दे   भी   दो  सुनो  प्यार का  अब   एक कश    ले   भी   लो खतम   होना   ही   है   मुक्कादर   मेरा ,...
मुश्किल   न   था   हमदम   इस   दर्द   को   छिपाना दिल   में   दबा   के   रखना   ये   प्यार   का   फसाना लब थे    मेरे   ख़ामोश ,  नज़रे   मचल   गई   थी दो   बूंद   आसुओं   की   आंखों   से   गिर   गई   थी ~kavita nidhi