Gullu ki shadi
Gullu मेरे एहसास को तुम गीत में अलफ़ाज़ दे देना मैं जाऊं दूर तो तुम रोक कर आवाज़ दे देना इन्ही मुश्किल से रास्तो पे जो खो जाऊं मैं एक दिन तो पता तुम याद रखना मंजिलो का साथ दे देना कटे दिन धूप में चाहे बड़ी मुश्किल से मेरा पर मैं जिसमे चैन से सोऊँ बस ऐसी रात दे देना मेरा दिल प्यास से तड़पा बहुत है अब तलक सागर मैं जिसमे डूब के नाचू वो तुम बरसात दे देना Mai lad bhi jaoongi Tere liye ab is jamane se मेरे हाथो में बस तुम आज अपना हाथ दे देना Mujhe yu to mili hai har taraf tareef logo se मगर ख्वाइश है थोड़े प्यार की तुम प्यार दे देना बहारे तो बहुत सी आके गुजरी हैं ये गुलशन से गुजरना तुम मगर यूँ ज़िन्दगी गुलज़ार कर देना बड़ी बेचैन सी आँखे है ...