Gullu ki shadi
Gullu
मेरे एहसास को तुम गीत में अलफ़ाज़ दे देना
मैं जाऊं दूर तो तुम रोक कर आवाज़ दे देना
इन्ही मुश्किल से रास्तो पे जो खो जाऊं मैं एक दिन तो
पता तुम याद रखना मंजिलो का साथ दे देना
कटे दिन धूप में चाहे बड़ी मुश्किल से मेरा पर
मैं जिसमे चैन से सोऊँ बस ऐसी रात दे देना
मेरा दिल प्यास से तड़पा बहुत है अब तलक सागर
मैं जिसमे डूब के नाचू वो तुम बरसात दे देना
Mai lad bhi jaoongi Tere liye ab is jamane se
मेरे हाथो में बस तुम आज अपना हाथ दे देना
Mujhe yu to mili hai har taraf tareef logo se
मगर ख्वाइश है थोड़े प्यार की तुम प्यार दे देना
बहारे तो बहुत सी आके गुजरी हैं ये गुलशन से
गुजरना तुम मगर यूँ ज़िन्दगी गुलज़ार कर देना
बड़ी बेचैन सी आँखे है टूटी सी ये धड़कन है
मेरी सांसो को तुम आके जरा आराम दे देना
कि लाना हाथ में पीले डहलिया फूल अपने तुम
Mere Har khwab ko choo kar, unhe aabad kar dena
To ye hai shadi
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