जा रही हूं।

जा रही हूं

मेरी याद आये तो ढूंढ लेना मुझे, वहीँ…

लव स्टोरी की किताब के पन्नो के  बीच 

रक्खे उस पुराने गुलाब की खुशबू में

तुम्हारी अलमीरा की ड्रॉर में 

पड़े उस टूटे हुए झुमके में 

माथे से उतार, आईने पर लगायी 

उस लाल काली बिंदी में 

चांद पे ठहरे  हुए काले बदल में 

बारिश की टपकती हुई बूंदो में


बाइक पर तुम्हारे कंधो पे कभी 

रक्खे हुए हाथो के एहसास में

बालो को सहलाते हुए हवा के झोको में

पीले फूलो पे मँडराती तितली में

और ढूंढ  लेना मुझे 

गोवा के बीच पर पानी की कल कल आवाज में

टूटे पत्ते की चाल में

दूर कहीं से आते बच्चों की हँसने की आवाज़ में


स्टेशन पे गाड़ी के लिए रुकी उन आंखों के इंतजार में

बारिश की शाम के बाद गीली सड़को पे पड़ती 

लाइट की झिलमिलहाट  में

और जब जाओगे अकेले दूर शहर से 

ढूंढ लेना मुझे सड़क की सुनसान में 

थक के लेटोगे कभी तोखुद की  धड़कनो की आवाज में

और कभी मूवी हॉल में यूँ  ही 

मिल जाऊंगी तुम्हें किसी किरदार में 


पर अब जाना है, तो जा रही हूँ 

याद आऊं तो ढूंढ लेना मुझे 

मैं रहूंगी आस पास हमेशा तुम्हारे अहसास में 

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