तेरा जवाब आया

जब भी दिल में मेरे तेरा ख्याल आया
मेरे चेहरे पे एक सुर्ख रुबाब आया

नंगे पाव देहलीज़ तक दौड़ गयी मैं 
जब, मेरे नाम तेरा पैगाम आया

मैंने भेजे थे जाने कितने खत तुझको
बड़ी मुद्दतों के बाद तेरा जवाब आया

जो कहा नहीं उसने मुझसे जीते जी 
कहा उसने, जब वो मेरी मज़ार आया 

सादी साड़ी में दुल्हन सी निखारी मैं
मेरे दर पे, जो ले के तू  बारात आया

तू एक बार आके घर, मेरा रोशन कर दे
मेरा क्या, मैं तो तेरे दर पे कई बार आया


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